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राजधानी देहरादून से सटे नंदा चौकी के समीप टौंस नदी पर करोड़ों रुपये की लागत से बना पुल निर्माण के कुछ ही दिनों बाद नदी के तेज बहाव में बह गया। पुल के ध्वस्त होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अचानक हुए इस हादसे से पछवादून का देहरादून से सीधा संपर्क कट गया है, जिससे क्षेत्र के निवासियों और यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पछवादून का देहरादून से संपर्क कटा
पुल टूटने के कारण पछवादून और देहरादून के बीच सीधा यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। अब स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को देहरादून पहुँचने के लिए लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग (हाइवे) का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे न केवल लोगों के समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि उन्हें अतिरिक्त ईंधन और आर्थिक मानसिक परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है।
निर्माण की गुणवत्ता और कार्यप्रणाली पर सवाल
हाल ही में करोड़ों की लागत से तैयार हुए इस पुल के पहली ही बारिश या पानी के तेज बहाव में ढह जाने से संबंधित कार्यदायी संस्था की कार्यशैली पर उंगलियां उठने लगी हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि निर्माण कार्य में घोर लापरवाही और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसके परिणामस्वरूप यह बड़ा हादसा हुआ।
जनता में भारी आक्रोश
पुल ध्वस्त होने के बाद स्थानीय जनता में सरकार और शासन की कार्यप्रणाली को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि जब राजधानी के इतने नजदीक बने पुल का यह हाल है, तो दूर-दराज के इलाकों की क्या स्थिति होगी।
क्षेत्रीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए। दोषी ठेकेदार और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। आवागमन को जल्द सुचारू करने के लिए तत्काल वैकल्पिक मार्ग या नए पुल का निर्माण कार्य शुरू किया जाए।

