चार से पांच लाख रुपये कीमत की चोरी की ज्वेलरी बरामद, नेपाल भागने की फिराक में थे आरोपी
PACHWADUN MEDIA.COM
देहरादून, 17 अगस्त। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून की रणनीति और विकासनगर पुलिस व एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में ज्वैलरी शॉप में हुई चोरी की घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने अंतरराज्यीय नकबजन गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई सोने-चांदी की ज्वेलरी और अन्य सामान बरामद हुआ है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब चार से पांच लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस के अनुसार, 9 अगस्त को विकासनगर निवासी संजीव राणा ने कोतवाली विकासनगर में तहरीर देकर बताया था कि 7 अगस्त की रात उनकी न्यू राणा ज्वैलर्स दुकान बंद थी। 9 अगस्त की सुबह दुकान खोलने पर अंदर रखे सोने-चांदी के आभूषण गायब मिले। मामले में पुलिस ने तत्काल मुकदमा अपराध संख्या 242/2026, धारा 305(ए) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक विकासनगर के नेतृत्व में पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित की गईं। टीमों ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तथा संदिग्धों की जानकारी जुटाने के साथ मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया।
इसी दौरान 16 अगस्त की रात पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली। सूचना के आधार पर कुल्हाल हाईवे पुल के पास कच्चे रास्ते पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने चार संदिग्धों को चोरी की ज्वैलरी के साथ गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने एक अन्य साथी के साथ मिलकर विकासनगर स्थित ज्वैलरी शॉप में चोरी करना स्वीकार किया।
मजदूरी के बहाने करते थे रेकी
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे मूल रूप से नेपाल के रहने वाले हैं और मजदूरी के बहाने अलग-अलग राज्यों में जाकर सुनियोजित तरीके से चोरी व नकबजनी की घटनाओं को अंजाम देते थे। विकासनगर की घटना से पहले वे हिमाचल प्रदेश के बंजार क्षेत्र में मजदूरी कर रहे थे।
गिरोह के एक अन्य सदस्य भीम बहादुर शाही के कहने पर वे विकासनगर पहुंचे। यहां काम की तलाश के बहाने अलग-अलग स्थानों की रेकी की गई और न्यू राणा ज्वैलर्स को चोरी के लिए चिन्हित किया गया। योजना के तहत 7 अगस्त की रात दुकान का ताला तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर लिए गए।
घटना के बाद आरोपी देहरादून और हरिद्वार होते हुए बस से हिमाचल प्रदेश चले गए। इसके बाद वे वापस देहरादून आईएसबीटी पहुंचकर वहां से नेपाल भागने की तैयारी में थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें उत्तराखंड-हिमाचल सीमा से गिरफ्तार कर लिया।
फर्जी आधार कार्ड से लेते थे सिम
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी निश्चल योगी उर्फ रमेश के पास से हिमाचल प्रदेश के पते पर बनाया गया फर्जी आधार कार्ड बरामद हुआ है। इसी फर्जी पहचान के आधार पर सिम कार्ड लिए जाते थे, जिनका इस्तेमाल आरोपी चोरी की घटनाओं के दौरान करते थे। वारदात के बाद सिम कार्ड तोड़कर नष्ट कर दिए जाते थे, ताकि पुलिस को उनकी पहचान और गतिविधियों तक पहुंचने में कठिनाई हो।
पूछताछ में आरोपियों के पूर्व में कर्नाटक, तमिलनाडु और अन्य राज्यों में चोरी व नकबजनी की घटनाओं में जेल जाने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस इनके आपराधिक इतिहास की विस्तृत जानकारी जुटा रही है।
गिरफ्तार आरोपी
नैना शाही उर्फ विनोद, उम्र 28 वर्ष, निवासी तोलीचाखा पीपलकोट, थाना राखम, जिला दैलेख, नेपाल।
दीपक कुमार ठाकुर उर्फ भोटिया, उम्र 42 वर्ष, निवासी तोलीचाखा पीपलकोट, थाना राखम, जिला दैलेख, नेपाल।
शंकर बहादुर शाही, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम मानमा, थाना होलम, जिला कालिकोट, नेपाल।
निश्चल योगी उर्फ रमेश, उम्र 25 वर्ष, निवासी कालिकोट, थाना तीरवेणी, नेपाल।
वांछित आरोपी: भीम बहादुर शाही पुत्र नर बहादुर शाही, निवासी तोलीचाखा, थाना राखम, जिला दैलेख, नेपाल।
पुलिस ने बताया कि वांछित आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
पुलिस टीम-कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली विकासनगर राजीव रौथाण, वरिष्ठ उपनिरीक्षक शिशुपाल सिंह राणा, उपनिरीक्षक अर्जुन सिंह गुसांई, उपनिरीक्षक सनोज कुमार, उपनिरीक्षक ओमवीर चौधरी सहित कांस्टेबल पवन बिष्ट, नवीन कोहली, नरेश पंत और त्रेपन सिंह शामिल रहे।
एसओजी ग्रामीण टीम में प्रभारी निरीक्षक खुशीराम पांडे के साथ कांस्टेबल नवनीत सिंह, जितेन्द्र सिंह, मनोज सिंह और सोनी कुमार शामिल रहे।

