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क्षेत्र के कोचिंग सेंटरों, शिक्षण संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की स्थिति जांचने के लिए आज एक बड़ा अभियान चलाया गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी देहरादून के सख्त आदेशों के बाद अग्निशमन अधिकारी सेलाकुई दयाकिशन के नेतृत्व में फायर ब्रिगेड की टीम ने सेलाकुई क्षेत्रांतर्गत विभिन्न संस्थानों का औचक फायर निरीक्षण और फायर ऑडिट किया।
निरीक्षण के दौरान कई व्यावसायिक और शिक्षण संस्थानों में अग्नि सुरक्षा को लेकर भारी लापरवाही और कमियां पाई गईं। सुरक्षा मानकों को पूरा न करने और आवश्यक उपकरण चालू हालत में न होने पर विभागीय टीम ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित संस्थानों को तत्काल नोटिस जारी किए हैं।
सुरक्षा उपकरणों का लिया जायजा, दी गई ट्रेनिंग
फायर ऑडिट के दौरान अग्निशमन अधिकारी दयाकिशन ने संस्थानों में स्थापित फायर एस्टिंग्विशर (अग्निशामक यंत्र), स्प्रिंकलर सिस्टम, एग्जिट रूट और पानी की उपलब्धता की बारीकी से जांच की। इसके साथ ही, टीम द्वारा संस्थानों के स्टाफ, शिक्षकों और छात्रों को आग लगने की स्थिति में किए जाने वाले आपातकालीन उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।
अग्निशमन टीम ने मौके पर मौजूद लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि आग लगने के शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं, इसलिए सुरक्षा उपकरणों का क्रियाशील होना और उन्हें चलाना आना बेहद जरूरी है। टीम ने लाइव डेमो के जरिए अग्निशमन उपकरणों को ऑपरेट करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया।
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
अग्निशमन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिन भी संस्थानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाएं अधूरी पाई गई हैं, उन्हें नोटिस जारी कर जल्द से जल्द कमियां सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। यदि दी गई समय सीमा के भीतर मानकों को पूरा नहीं किया गया, तो नियमों के तहत संस्थानों को सील करने और भारी जुर्माना लगाने जैसी दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने सभी व्यावसायिक और शैक्षणिक संस्थान स्वामियों से अपील की है कि वे जनहानि को रोकने के लिए फायर सेफ्टी नियमों का पूरी तरह पालन करें।

