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सहसपुर मेन रोड पर राष्ट्रीय राजमार्ग और मंदिर के बिल्कुल नजदीक संचालित हो रही एक अंग्रेजी शराब की दुकान को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। नियमों के उल्लंघन और ठेकेदार की मनमानी के खिलाफ ‘आकाश विकलांग सेवा समिति’ के अध्यक्ष व सहसपुर के पूर्व प्रधान सुन्दर थापा ने उपजिलाधिकारी, विकासनगर को एक शिकायती पत्र सौंपकर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि इस दुकान को जल्द नहीं हटाया गया, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन और धरने पर बैठने को मजबूर होंगे।
नियमों की सरेआम धज्जियां
शिकायतकर्ता संगठन के अनुसार, ग्राम सभा सहसपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग पर यह अंग्रेजी शराब की दुकान पिछले कई सालों से अवैध रूप से नियमों को ताक पर रखकर चलाई जा रही है। दुकान के ठीक सामने एक मंदिर भी स्थित है। माननीय उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग से शराब की दुकान की दूरी कम से कम 220 मीटर होनी चाहिए तथा किसी भी धार्मिक स्थल (मंदिर आदि) से इसकी दूरी कम से कम 50 से 100 मीटर होनी चाहिए। इसके विपरीत, वर्तमान में इस शराब की दुकान की दूरी राष्ट्रीय राजमार्ग से मात्र 10 मीटर और मंदिर से महज 20 मीटर है। इसके अलावा, ठेकेदार ने नियमों का उल्लंघन करते हुए दुकान के पीछे एक अवैध कैंटीन भी खोल रखी है।
ठेकेदार पर दबंगई का आरोप
समिति का आरोप है कि जब ग्रामीणों ने इस संबंध में ठेकेदार से बात करने की कोशिश की, तो उसने साफ शब्दों में कहा कि यह राष्ट्रीय राजमार्ग नहीं है और “सभी विभागों में पैसा जाता है।” ठेकेदार ने दबंगई दिखाते हुए कहा कि वह चाहे मंदिर के पास दुकान खोले या राष्ट्रीय राजमार्ग पर, उसे कोई रोकने वाला नहीं है।
लाइसेंस निरस्त करने और धरने की मांग
’आकाश विकलांग सेवा समिति’ के पदाधिकारियों (जिनमें रंजीत सिंह, अनिल, संजय, दिनेश, लियाकत अली और सोनू शामिल हैं) ने उपजिलाधिकारी से मांग की है कि इस अवैध शराब की दुकान और कैंटीन को तुरंत वहां से हटवाया जाए।
नियमों का उल्लंघन करने वाले ठेकेदार का लाइसेंस तत्काल निरस्त कर कानूनी कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन ने इस पर सख्त कदम नहीं उठाया, तो वे दुकान को बंद कराने के लिए खुद धरने पर बैठेंगे। उपजिलाधिकारी कार्यालय द्वारा शिकायत पत्र को प्राप्त कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।


