हरियाणा के यमुनानगर हाईवे स्थित होटल से दबोचे गए आरोपी, मामले में अब तक कुल नौ गिरफ्तार
PACHWADUN MEDIA.COM
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून के नेतृत्व में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत दून पुलिस को बैरागीवाला हत्याकांड में बड़ी सफलता मिली है। कोतवाली सहसपुर पुलिस एवं एसओजी देहात की संयुक्त टीम ने हत्या के मुख्य आरोपी अमन समेत तीन आरोपियों को हरियाणा के यमुनानगर हाईवे स्थित एक होटल से गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में अब तक कुल 09 अभियुक्तों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, 13 जून 2026 की शाम सहसपुर क्षेत्र के ग्राम बैरागीवाला में खेत में पानी चलाने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें एक पक्ष के कई लोगों ने दूसरे पक्ष के अशोक कुमार, विनोद कुमार और राजेश कुमार के साथ मारपीट की। तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें ग्रामीणों की मदद से लेहमन अस्पताल पहुंचाया गया। उपचार के दौरान भाजपा नेता विनोद कुमार की मृत्यु हो गई। जांच में सामने आया कि दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चला आ रहा था और घटना से दो-तीन दिन पहले भी खेत में पानी छोड़ने को लेकर कहासुनी हुई थी। मृतक के भाई अशोक कुमार की तहरीर पर कोतवाली सहसपुर में नामजद एवं अन्य आरोपियों के विरुद्ध मु.अ.सं. 134/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103, 109, 191(2) एवं 3(5) में मुकदमा दर्ज किया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर कई पुलिस टीमों का गठन किया गया। शुरुआती कार्रवाई में पुलिस ने छह आरोपियों—रज्जाक, सलमान, जावेद, शहबाज, इम्तियाज और इंतजार—को गिरफ्तार कर न्यायालय के माध्यम से जेल भेज दिया था। इसके बाद फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमों ने उत्तराखंड के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी लगातार दबिश दी। मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस को सूचना मिली कि मुख्य आरोपी अमन अपने दो साथियों सावेज और आजम के साथ हरियाणा के यमुनानगर हाईवे स्थित एक होटल में छिपा हुआ है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अमन (24 वर्ष), सावेज (21 वर्ष) और आजम सभी निवासी ग्राम बैरागीवाला, कोतवाली सहसपुर, जनपद देहरादून हैं।
इस कार्रवाई में कोतवाली सहसपुर के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप सिंह रावत, वरिष्ठ उपनिरीक्षक मनमोहन सिंह नेगी, उपनिरीक्षक अशोक कुमार सहित पुलिस टीम तथा एसओजी देहात के प्रभारी निरीक्षक खुशीराम पाण्डे और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।

