PACHWADUN MEDIA.COM
राजधानी देहरादून का विकासनगर और सेलाकुई (पछवादून) क्षेत्र आज एक बड़े औद्योगिक, शैक्षणिक और कमर्शियल हब के रूप में स्थापित हो चुका है। यहाँ सैकड़ों की संख्या में औद्योगिक इकाइयां, नामी शिक्षण संस्थान, कोचिंग सेंटर, होटल, रेस्टोरेंट और कैफे संचालित हो रहे हैं। लेकिन इस चकाचौंध के पीछे एक बेहद डरावनी हकीकत भी छिपी है। क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा अग्नि सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर संचालित हो रहा है, जिससे पूरा पछवादून मानो बारूद के ढेर पर बसा हुआ है।
नियमों की धज्जियां उड़ा रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठान
सूत्रों की मानें तो पछवादून क्षेत्र में चल रहे अधिकांश होटलों, ढाबों, रेस्टोरेंट्स, कैफे और यहाँ तक कि कई शिक्षण संस्थानों में आग से निपटने के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। कई जगहों पर या तो फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशमन यंत्र) एक्सपायर हो चुके हैं या फिर उन्हें महज दिखावे के लिए टांगा गया है। देश के अन्य राज्यों और बड़े शहरों में कोचिंग सेंटरों व अस्पतालों में हुए भीषण अग्निकांडों से भी स्थानीय प्रशासन और प्रबंधन सबक लेता नहीं दिख रहा है। हादसों के बाद कुछ दिन तो सख्ती दिखाई देती है, लेकिन उसके बाद प्रशासनिक सुस्ती के कारण हालात फिर जस के तस हो जाते हैं। अग्निशमन विभाग द्वारा क्षेत्र में कभी-कभार ही छापेमारी या औचक निरीक्षण की कार्रवाई की जाती है, जिसके चलते इन प्रतिष्ठान स्वामियों के हौसले बुलंद हैं और वे जनमानस की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं।
एक्शन में अग्निशमन विभाग: कोचिंग सेंटरों को नोटिस, ढाबों-कैफे पर जल्द होगी छापेमारी
इस गंभीर मुद्दे पर जब “PACHWADUN MEDIA.COM” ने सेलाकुई स्थित अग्निशमन केंद्र के अधिकारियों से बात की, तो उन्होंने विभाग का पक्ष रखते हुए बताया कि अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर विभाग पूरी तरह गंभीर है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि पछवादून क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी प्रमुख कोचिंग सेंटरों और शिक्षण संस्थानों की लगातार सघन जांच की जा रही है।जांच के दौरान जिन संस्थानों में कमियां और अनियमितताएं पाई गई हैं, उन्हें विभाग की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं । नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों को सख्त चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द ही कमियां दूर नहीं की गईं, तो उन्हें सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
जल्द शुरू होगा बड़ा अभियान:
अग्निशमन अधिकारियों ने बताया कि सिर्फ शिक्षण संस्थान ही नहीं, बल्कि क्षेत्र में संचालित हो रहे सभी रेस्टोरेंट, ढाबों, कैफे और होटलों की चेकिंग के लिए जल्द ही एक बड़ा छापेमारी अभियान शुरू किया जा रहा है। सुरक्षा मानकों में लापरवाही बरतने वाले किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान को बख्शा नहीं जाएगा।
बड़ा सवाल:
अब देखना यह होगा कि अग्निशमन विभाग की इस कार्यवाही के बाद धरातल पर कितनी तब्दीली आती है, और क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय इन “बारूद के ढेरों” पर समय रहते नकेल कस पाएगा?

