दुर्गम रास्तों और तेज बहाव के बीच पाइप के सहारे किया रेस्क्यू, सभी छात्रों की हालत सामान्य
PACHWADUN MEDIA.COM
देहरादून। भारी बारिश के बीच स्वारना नदी का जलस्तर बढ़ने से थान गांव, मिसरास पट्टी क्षेत्र के जंगल में फंसे यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज (यूपीईएस), देहरादून के छह छात्रों के लिए एसडीआरएफ की टीम देवदूत बनकर पहुंची। दुर्गम पहाड़ी रास्तों और उफनती नदी की चुनौती के बावजूद एसडीआरएफ जवानों ने करीब छह किलोमीटर पैदल ट्रैकिंग कर छात्रों तक पहुंच बनाई और सभी छह छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
एसडीआरएफ के अनुसार सोमवार को यूपीईएस देहरादून के छह छात्र मिसरास पट्टी, थान गांव स्थित स्वारना नदी क्षेत्र में ट्रैकिंग के लिए गए थे। वापसी के दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के कारण स्वारना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और नदी का बहाव बेहद तेज हो गया। ऐसे में छात्र जंगल क्षेत्र में फंस गए और उनके लिए वापस लौटना मुश्किल हो गया।
छात्रों के जंगल में फंसे होने की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। भारी बारिश, दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और बढ़े हुए नदी के जलस्तर के बीच रेस्क्यू टीम ने करीब छह किलोमीटर पैदल ट्रैकिंग की। कठिन रास्तों को पार करते हुए जवान छात्रों तक पहुंचे।
मौके पर स्वारना नदी का बहाव काफी तेज होने के कारण छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालना बड़ी चुनौती थी। एसडीआरएफ जवानों ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए नदी के ऊपर पाइप के सहारे रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। एक-एक कर सभी छह छात्रों को सुरक्षित नदी पार कराकर जंगल क्षेत्र से बाहर निकाला गया।
रेस्क्यू के बाद सभी छात्रों को जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। सभी छह छात्रों की स्थिति सामान्य बताई गई है। समय रहते एसडीआरएफ टीम की तत्परता से बड़ा हादसा होने से टल गया।
भारी बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक नदियों और बरसाती गदेरों का जलस्तर बढ़ने की घटनाओं को देखते हुए यह रेस्क्यू अभियान एक बार फिर आपदा की स्थिति में एसडीआरएफ की त्वरित प्रतिक्रिया और साहसिक कार्यप्रणाली को दर्शाता है।

