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सेलाकुई नगर पंचायत में सोमवार को उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब उग्र नगर पंचायत कर्मचारियों ने स्थानीय देसी शराब की दुकान के सामने प्रदर्शन किया। दो दिन पहले एक सफाई कर्मचारी के साथ हुई मारपीट से आक्रोशित कर्मचारियों ने विरोध जताने का एक अनोखा और आक्रामक तरीका चुना। उन्होंने शराब की दुकान के ठीक सामने कचरे से भरी गाड़ियाँ पलट दीं और दुकान के मुख्य द्वार पर कूड़े का ढेर लगाकर जमकर नारेबाजी की।

क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, दो दिन पहले नगर पंचायत के सफाई कर्मचारी लोकेश के साथ देसी शराब की दुकान के एक कर्मचारी ने किसी बात को लेकर गाली-गलौज और गंभीर मारपीट की थी। पीड़ित कर्मचारी ने इस घटना की जानकारी अपने संगठन और साथी कर्मचारियों को दी। घटना के बाद से ही सफाई कर्मियों में गहरा रोष व्याप्त था।
’गिरफ्तारी नहीं तो काम नहीं’ की चेतावनी
सोमवार सुबह बड़ी संख्या में नगर पंचायत के पर्यावरण मित्र (सफाई कर्मचारी) और अन्य स्टाफ सेलाकुई स्थित देसी शराब की दुकान पर एकत्र हुए। कर्मचारियों का कहना है कि ड्यूटी पर तैनात सफाई कर्मी के साथ इस तरह की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्य रूप से निम्नलिखित माँगें रखी हैं:
तत्काल गिरफ्तारी: मारपीट करने वाले आरोपी शराब दुकान के कर्मचारी को पुलिस जल्द से जल्द गिरफ्तार करे।
सुरक्षा की गारंटी: फील्ड में काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को उचित सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
कर्मचारियों का कहना है कि “हम दिन-रात शहर को साफ रखने का काम करते हैं, और हमारे ही साथ इस तरह की मारपीट और अभद्रता की जा रही है। जब तक आरोपी सलाखों के पीछे नहीं जाता, हमारा विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।”
मौके पर पहुंची पुलिस, यातायात और व्यवस्था प्रभावित
शराब की दुकान के सामने भारी मात्रा में कूड़ा फेंके जाने और प्रदर्शन के कारण आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया और कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचा और प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया।
पुलिस अधिकारियों ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया है कि मामले की जांच की जा रही है और कानून के तहत आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, कर्मचारी आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं और उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे कार्य बहिष्कार (हड़ताल) पर जाने को मजबूर होंगे।


