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पटेलनगर क्षेत्र के भुड्डी गांव में अधिवक्ता की हत्या के मामले में दून पुलिस ने महज 10 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा करते हुए मृतक के छोटे भाई को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि बड़े भाई की डांट-फटकार और मारपीट से नाराज होकर आरोपी ने सुनियोजित तरीके से अपने ही भाई की गोली मारकर हत्या कर दी और बाद में पूरे मामले को बाहरी हमलावरों की करतूत बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की।
घर के भीतर हुई थी हत्या
पुलिस के अनुसार, भुड्डी गांव निवासी अधिवक्ता सोहेल हारून की रविवार रात घर के भीतर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद परिजनों की ओर से दावा किया गया कि कोई अज्ञात हमलावर घर में घुसा और सोहेल को गोली मारकर फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण शुरू किया गया।
जांच के दौरान पुलिस को शुरू से ही घटना संदिग्ध प्रतीत हुई। घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग डिलीट पाई गई, जबकि आसपास लगे कैमरों की फुटेज खंगालने पर कोई बाहरी व्यक्ति घर में प्रवेश करता नजर नहीं आया। इसके बाद जांच की दिशा घर के सदस्यों की ओर मुड़ गई।
बाथरूम से बरामद हुई हत्या में प्रयुक्त पिस्टल
पुलिस टीम ने जब घर की गहन तलाशी ली तो बाथरूम से घटना में प्रयुक्त 32 बोर की देशी पिस्टल बरामद हुई। इसके बाद मृतक के छोटे भाई शाहिद हारून (21 वर्ष) से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान उसके बयान बार-बार बदलते रहे और कई विरोधाभास सामने आए। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, जिसके बाद उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसी ने अपने बड़े भाई की गोली मारकर हत्या की थी।
10 लाख रुपये के विवाद ने छीनी भाई की जान
पुलिस जांच में हत्या के पीछे पारिवारिक विवाद की चौंकाने वाली वजह सामने आई। पूछताछ में पता चला कि शाहिद नशे और फिजूलखर्ची का आदी था। कुछ दिन पहले उसने कथित रूप से अपने पिता के एटीएम कार्ड से करीब 10 लाख रुपये निकालकर खर्च कर दिए थे। जब इस बात की जानकारी बड़े भाई सोहेल को हुई तो उन्होंने शाहिद को फटकार लगाई और उसकी पिटाई भी की। इसी घटना से शाहिद अपने भाई से बेहद नाराज था और उसने बदला लेने की ठान ली। पुलिस के मुताबिक, उसने योजनाबद्ध तरीके से हत्या की साजिश रची और मौका देखकर अपने ही भाई को गोली मार दी।
पहले बंद किए सीसीटीवी, फिर रची झूठी कहानी
आरोपी ने वारदात को अंजाम देने से पहले घर के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग बंद कर दी थी, ताकि घटना का कोई सबूत न मिल सके। हत्या के बाद उसने परिवार और पुलिस को बताया कि कोई अज्ञात व्यक्ति घर में घुसा और गोली मारकर भाग गया। लेकिन तकनीकी साक्ष्यों, घटनास्थल से मिले सबूतों और सीसीटीवी की पड़ताल ने आरोपी की पूरी कहानी को झूठा साबित कर दिया।
शव रखकर कराया हाईवे जाम
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद खुद को पीड़ित साबित करने और जांच को भटकाने के उद्देश्य से आरोपी ने गांव के कुछ लोगों को उकसाया। इसके बाद मृतक के शव को देहरादून-पांवटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर रखकर प्रदर्शन किया गया और सड़क जाम कर दी गई। पुलिस का कहना है कि यह कदम जांच को दूसरी दिशा में मोड़ने और बाहरी हमले की कहानी को मजबूत करने के लिए उठाया गया था। इस मामले में आरोपी के अलावा अन्य नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ भी सड़क जाम और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के संबंध में अलग से मुकदमा दर्ज किया गया है।
10 घंटे में खुलासा, पुलिस टीम की सराहना
दून पुलिस ने आधुनिक तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी विश्लेषण और त्वरित पूछताछ के आधार पर महज 10 घंटे के भीतर हत्या की गुत्थी सुलझा दी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इस चुनौतीपूर्ण मामले के सफल अनावरण पर जांच टीम की सराहना की है।
फिलहाल आरोपी शाहिद हारून को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है। इस हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है, जहां एक छोटे भाई द्वारा पारिवारिक विवाद और नाराजगी में बड़े भाई की हत्या किए जाने की घटना चर्चा का विषय बनी हुई है।

