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उत्तराखंड की देहरादून पुलिस ने “ऑपरेशन प्रहार” के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून की सख्ती के बाद सेलाकुई थाना पुलिस ने तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास का जाल बिछाकर लोगों को ठगने वाले एक शातिर ‘ठग बाबा’ को गिरफ्तार किया है। आरोपी बाबा भोले-भाले लोगों को परिवार में अनिष्ट होने का डर दिखाकर पूजा-पाठ के नाम पर उनके कीमती आभूषण और नकदी साफ कर देता था। पुलिस ने आरोपी के पास से ठगे गए आभूषणों को गलाकर बनाया गया 150 ग्राम सोने का बिस्कुट और ₹5 लाख की नकदी बरामद की है।
रिश्तेदार महिला को ही बनाया शिकार, उड़ाया 65 तोला सोना
पुलिस के अनुसार, शहीद किशन थापा मार्ग (सेलाकुई) निवासी श्रीमती ओशीन गुंरग पत्नी श्री अनीश गुरुग ने 31 मई 2026 को थाना सेलाकुई में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि महंत राहुल थापा ने करीब ढाई महीने पहले उनके परिवार पर भारी संकट और अनिष्ट होने का डर दिखाया था। संकट टालने के लिए बाबा ने घर पर अनुष्ठान का ढोंग रचाया और धोखे से उनके घर से करीब 65 तोला सोना गायब कर दिया। प्रार्थना पत्र की जांच के बाद पुलिस ने 9 जून 2026 को आरोपी महंत राहुल थापा के खिलाफ मु0अ0सं0-76/2026 धारा-305(ए)/318(4) बी0एन0एस0 2023 के तहत मुकदमा दर्ज किया।
रात में फेंकता था जादू-टोने की पोटली, सुबह करता था फोन
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर सेलाकुई थाने में दो अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने जब नामजद आरोपी राहुल थापा (पुत्र गिरीश थापा) को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और ठगी की बेहद चौंकाने वाली कार्यप्रणाली का खुलासा किया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया “मैं साल 2013 से पण्डिताई और माता की चौकी लगाने का काम कर रहा हूँ। ज्यादा पैसे कमाने के लालच में मैंने एक योजना बनाई। मैं रात के अंधेरे में अपने अमीर शिष्यों के घर के बाहर चुपके से काले कपड़े में उड़द की दाल, रोली, लौंग और नींबू जैसी सामग्री की पोटली फेंक आता था। अगली सुबह उन्हें फोन कर कहता था कि मुझे रात में सपना आया है कि आपके घर पर किसी ने बड़ा जादू-टोना किया है।”
यूं दिया वारदात को अंजाम
पीड़िता ओशीन गुंरग आरोपी बाबा की दूर की रिश्तेदार थी। आरोपी को पता था कि वह अपने माता-पिता की इकलौती बेटी है और उसके पास काफी जेवरात हैं। योजना के मुताबिक, 1 मार्च 2026 की रात 11 बजे आरोपी स्कूटी से ओशीन के घर पहुंचा और गेट के अंदर काली पोटली फेंक दी। अगली सुबह 2 मार्च को उसने ओशीन को फोन कर ‘आभास’ होने का नाटक किया। ओशीन ने जब गेट के पास जाकर वीडियो कॉल पर वह पोटली दिखाई, तो बाबा ने डराते हुए कहा कि वह तुरंत उनके घर आ रहा है। घर पहुंचकर उसने अनुष्ठान के बहाने एक संदूक मंगवाया। पूजा के दौरान उसने ओशीन और उसकी मां के सारे आभूषण एक पोटली में बंधवाकर संदूक में रखवा दिए। इसके बाद मां-बेटी को अक्षत (चावल) देकर छत की परिक्रमा करने भेज दिया। मौका पाकर बाबा ने संदूक से आभूषण निकाल लिए और संदूक बंद कर दिया। पूजा खत्म होने के बाद उसने संदूक को मंदिर में रखने और पूरे 62 दिन बाद खोलने की हिदायत दी, ताकि उसे भागने का पूरा समय मिल सके।
पुलिस के लिए बड़ी चुनौती, लिया जाएगा पुलिस रिमांड
चूंकि घटना करीब तीन महीने पुरानी थी, इसलिए पुलिस के लिए सबूत और रिकवरी जुटाना एक बड़ी चुनौती थी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर कुछ आभूषणों को गलाकर बनाया गया 150 ग्राम सोने का बिस्कुट और जेवरात बेचकर कमाए गए 5 लाख रुपये कैश बरामद कर लिए हैं। शेष आभूषणों की बरामदगी के लिए पुलिस आरोपी का कोर्ट से पीसीआर (पुलिस कस्टडी रिमांड) लेने की तैयारी कर रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी ने पूर्व में किन-किन लोगों को अपना शिकार बनाया है और इस अपराध में उसके साथ कौन-कौन शामिल था।
पुलिस और एसओजी (SOG) की संयुक्त टीम को मिली सफलता:
इस सफल अनावरण को अंजाम देने वाली टीम में सेलाकुई थानाध्यक्ष लोकपाल परमार, व0उ0नि0 विवेक भण्डारी, उ0नि0 कृपाल सिंह, कांस्टेबल सहसपाल, इरशाद, वीर सिंह, अमित कुमार और देहरादून एसओजी टीम के उ0नि0 संदीप लोहान, हे0का0 चमन कुमार, किरन कुमार, कांस्टेबल ललित, आशीष, देवेन्द्र व सौरभ शामिल रहे।

