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उत्तराखंड की राजधानी और खूबसूरत वादियों के लिए मशहूर दून घाटी इन दिनों भीषण लू (हीटवेव) की चपेट में है। आसमान से बरसती आग ने आम जनजीवन को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया है। बुधवार को घाटी का तापमान रिकॉर्ड 40.1°C दर्ज किया गया, जिसने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। वहीं, आज वीरवार को मौसम विभाग ने पारा 41°C तक पहुंचने की आशंका जताई है, जबकि न्यूनतम तापमान 21°C रहने का अनुमान है।
दोपहर में कर्फ्यू जैसा नजारा, थमी रफ्तार
भीषण गर्मी और झुलसाने वाली कड़क धूप के कारण दोपहर के समय देहरादून के मुख्य बाजारों—पलटन बाजार, राजपुर रोड और क्लॉक टावर—में पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं, जिससे सड़कों पर वाहनों की आवाजाही आम दिनों के मुकाबले बेहद कम नजर आई।
स्वास्थ्य विभाग एक्टिव मोड पर: गाइडलाइन जारी
बढ़ते तापमान और ‘सिटिंग हीट’ के खतरों को देखते हुए प्रांतीय स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह एक्टिव मोड पर आ गया है। डॉक्टरों ने लू (सनस्ट्रोक) और डिहाइड्रेशन के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आम जनता के लिए एक विशेष स्वास्थ्य परामर्श (Advisory) जारी किया है।
स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी:
“बिना किसी बेहद जरूरी काम के दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घरों से बाहर निकलने से बचें। यह मौसम बुजुर्गों और बच्चों के लिए विशेष रूप से संवेदनशील है।”
गर्मी से जंग: क्या करें और क्या न करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस जानलेवा गर्मी से बचने के लिए नागरिकों को निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी है । हल्का व सुपाच्य भोजन लें: भारी, तैलीय और बासी भोजन से पूरी तरह परहेज करें। इस मौसम में शरीर की पाचन शक्ति धीमी हो जाती है।तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाएं: शरीर में पानी की कमी न होने दें। सादे पानी के साथ-साथ नीबू पानी, छाछ, लस्सी, नारियल पानी और ओआरएस (ORS) का घोल लगातार पीते रहें। बच्चों की विशेष देखभाल: बच्चों को दोपहर के समय किसी भी हाल में घर से बाहर न निकलने दें। धूप में खेलने से उन्हें तुरंत सनस्ट्रोक हो सकता है। फुल स्लीव्स के कपड़े: यदि बाहर निकलना ही पड़े, तो सूती और ढीले कपड़े पहनें, सिर को स्कार्फ या टोपी से ढकें और धूप का चश्मा जरूर लगाएं।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दो-तीन दिनों तक गर्मी के तेवर ऐसे ही तीखे बने रहने की आशंका है। जब तक पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से राहत की बूंदें नहीं बरसतीं, तब तक दूनवासियों को खुद को सुरक्षित रखने के लिए कड़े एहतियात बरतने होंगे।

