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व्हाट्सएप ग्रुप में शुरू हुई एक मामूली कहासुनी ने देहरादून के सहसपुर क्षेत्र में हिंसक रूप ले लिया। शीतला नदी पुल के पास पुरानी रंजिश और सोशल मीडिया पर मिली धमकियों के बाद दो गुटों के बीच जमकर संघर्ष हुआ, जिसमें तीन युवक चाकू लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में शामिल मुख्य आरोपी सहित 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या था पूरा मामला?
घटना 26 अप्रैल 2026 की शाम करीब 5:30 बजे की है। देहरादून के लुनिया मोहल्ला निवासी मनीष अपने दोस्तों के साथ कार से वापस लौट रहा था। तभी लांघा रोड स्थित शीतला नदी पुल के पास पहले से घात लगाए बैठे आधा दर्जन से अधिक युवकों ने उनकी कार को रोक लिया। लाठी-डंडों और धारदार चाकुओं से लैस हमलावरों ने जान से मारने की नियत से हमला कर दिया।
इस हमले में मनीष की जांघ, दीपक सिंह के पेट और राहुल के सिर पर चाकू से गहरे घाव आए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून ने तत्काल अभियुक्तों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
व्हाट्सएप विवाद और रंजिश
पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। गिरफ्तार अभियुक्तों ने बताया कि हमलावर और घायल पहले आपस में दोस्त थे। उनका एक व्हाट्सएप ग्रुप था, जिसमें पिछले महीने किसी बात को लेकर गाली-गलौज और विवाद हो गया। इसके बाद दोस्ती दुश्मनी में बदल गई और ग्रुप में एक-दूसरे को धमकी भरे ऑडियो और वीडियो संदेश भेजे जाने लगे। इसी रंजिश के चलते 26 तारीख को विकास नगर से देहरादून जा रहे दूसरे गुट को घेरकर हमला किया गया।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
कोतवाली सहसपुर के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप सिंह रावत के नेतृत्व में गठित टीम ने दबिश देकर 28 अप्रैल को सहसपुर बाजार के पास से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। अभियुक्त सूरज की निशानदेही पर घटनास्थल के पास से वारदात में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिया गया है।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:
मनजीत सिंह (36 वर्ष): निवासी हर्बटपुर, विकासनगर।, पीयूष (19 वर्ष): निवासी पांवटा साहिब, हिमाचल प्रदेश।, विकास उर्फ विक्की (21 वर्ष): निवासी पांवटा साहिब, हिमाचल प्रदेश।, सूरज (19 वर्ष): निवासी वाल्मिकी बस्ती, पांवटा साहिब।, अर्जुन सिंह (19 वर्ष): निवासी बुग्गावाला, हरिद्वार।
बढ़ी धाराएं, न्यायालय में पेशी
पुलिस ने शुरुआत में धारा 109/191(2) BNS के तहत मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन जांच में आपराधिक षडयंत्र (Criminal Conspiracy) की पुष्टि होने के बाद मुकदमे में धारा 3(5)/61 BNS की बढ़ोतरी की गई है। सभी आरोपियों को आज (29 अप्रैल) माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
इस सफल कार्रवाई में SHO प्रदीप सिंह रावत, एसएसआई मनमोहन सिंह नेगी, चौकी प्रभारी धर्मावाला पंकज कुमार सहित पूरी टीम का अहम योगदान रहा।

