पछवादून मीडिया संवाददाता, देहरादून ।
’कहते हैं ‘प्रेम’ और ‘प्यास’ छिपाए नहीं छिपते, खासकर तब जब प्यास मदिरा की हो और दिन 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) का हो। जब पूरा देश देशभक्ति के तराने गा रहा था और कानून का पालन करते हुए शराब की दुकानें बंद थीं, तब देहरादून में एक ‘शूरवीर’ ऐसे भी थे, जिनका गला रेगिस्तान की तरह सूख रहा था। जनाब की तलब ऐसी कि उन्होंने ‘ड्राई डे’ को ‘ट्राई डे’ में बदल दिया और सीधे ठेके के ताले ही चटका दिए।
घटनाक्रम: जब भक्ति पर भारी पड़ी ‘बोतल’
मामला देहरादून के पॉश इलाके कुल्हान, सहस्त्रधारा रोड का है। यहाँ दिनेश मल्होत्रा जी की विदेशी मदिरा की दुकान है। 26 जनवरी को राष्ट्रीय पर्व के सम्मान में नियमानुसार दुकान में ताले लटके हुए थे। लेकिन, राजपुर थाना क्षेत्र के ‘मदिरा प्रेमी’ सुरेंद्र सिंह को यह “बंदी” नागवार गुजरी।
दुकान मालिक दिनेश मल्होत्रा ने पुलिस को दी अपनी तहरीर में बताया कि 26 जनवरी को दुकान बंद थी, लेकिन जब 27 जनवरी की सुबह वे दुकान खोलने पहुंचे, तो उनके होश फाख्ता हो गए। शटर के ताले ऐसे टूटे पड़े थे जैसे किसी ने दिल के अरमान तोड़ दिए हों।
तीसरी आंख ने खोला राज
चोरी तो हो गई थी, लेकिन चोर शायद यह भूल गया कि ‘ऊपर वाला’ सब देख रहा है—और यहाँ ऊपर वाला भगवान नहीं, बल्कि दुकान में लगा सीसीटीवी कैमरा था। जब फुटेज खंगाली गई, तो एक युवक बड़े इत्मीनान से दुकान के अंदर ‘सेल्फ सर्विस’ का आनंद लेते हुए और बोतलों पर हाथ साफ करते हुए दिखाई दिया। युवक की चाल-ढाल से लग रहा था कि वह चोरी करने नहीं, बल्कि अपना ‘अधिकार’ लेने आया है।
आईटी पार्क से 13 बोतलों के साथ ‘रॉयल’ गिरफ्तारी
राजपुर थाना पुलिस ने भी फुर्ती दिखाई और सीसीटीवी फुटेज को आधार बनाकर चोर की तलाश शुरू कर दी। आखिरकार, पुलिस ने आरोपी सुरेंद्र सिंह को आईटी पार्क के पास से धर दबोचा।
गिरफ्तारी के वक्त सुरेंद्र के पास से 13 बोतलें बरामद हुईं। और जनाब का ‘टेस्ट’ (Taste) देखिए—चोरी की तो किसकी? ब्लेंडर प्राइड (Blenders Pride) और रॉयल स्टैग (Royal Stag) की। मतलब साफ है, जेब में गांधी जी हों न हों, हलक में ‘रॉयल’ फील होना चाहिए।
अब हवालात की हवा
फिलहाल, पुलिस ने सुरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। जो 13 बोतलें उन्होंने 26 जनवरी की पार्टी के लिए चुराई थीं, वो अब मालखाने की शोभा बढ़ा रही हैं। सुरेंद्र जी ने सोचा था कि मदिरा पीकर ‘स्वर्ग’ की सैर करेंगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें सीधे हवालात की सैर करा दी।
अब देखना यह है कि पुलिस की मेहमाननवाज़ी के बाद इनकी ‘सुर’ और ‘ताल’ कब तक ठिकाने आती है।

