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उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने के संकल्प के साथ देहरादून पुलिस लगातार एक्शन मोड में है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून के सख्त निर्देशों के अनुपालन में, कोतवाली विकासनगर पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर घेराबंदी कर एक महिला और एक पुरुष को कुल 16.96 ग्राम अवैध स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है।
रातभर चली पुलिस की दबिश
26 अप्रैल की रात कोतवाली विकासनगर पुलिस ने क्षेत्र में संदिग्धों की धरपकड़ के लिए सघन चेकिंग अभियान चलाया था। इस दौरान पुलिस टीम को दो अलग-अलग सफलताओं हाथ लगीं:
पहली कार्रवाई: डॉक्टरगंज स्थित ‘आम का बाग’ (मोर्चरी के पास) से रीना (28 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से 10.16 ग्राम स्मैक बरामद हुई।
दूसरी कार्रवाई: कुंजाग्रांट रोड पर चेकिंग के दौरान बिलाल (28 वर्ष) को दबोचा गया, जिसके पास से 6.80 ग्राम स्मैक बरामद की गई।
अभियुक्तों का विवरण और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट (स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पूछताछ में हुए चौंकाने वाले खुलासे
पुलिस पूछताछ में दोनों अभियुक्तों ने अपने नेटवर्क और तस्करी के तरीकों का खुलासा किया है:
बिलाल का आपराधिक इतिहास: बिलाल कोई नया अपराधी नहीं है। उस पर पहले से ही आर्म्स एक्ट और NDPS एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। उसने स्वीकार किया कि वह खुद भी नशे का आदी है और अपने खर्च निकालने के लिए कुल्हाल क्षेत्र से स्मैक लाकर बेचता था।
रीना की कार्यप्रणाली: अभियुक्ता रीना ने बताया कि वह कुंजाग्रांट से स्मैक की खेप लाकर डॉक्टरगंज के स्थानीय ग्राहकों को ऊंचे दामों पर बेचती थी। वह महिला होने का फायदा उठाकर पुलिस को चकमा देने की कोशिश कर रही थी, लेकिन सतर्क पुलिस टीम ने उसे पकड़ लिया।
पुलिस टीम का नेतृत्व
इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में मुख्य रूप से उपनिरीक्षक विवेक भंडारी, ओमवीर सिंह और जावेद हसन समेत कोतवाली विकासनगर के अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
पुलिस का संदेश: कोतवाली प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नशे के अवैध कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। भविष्य में भी यह अभियान इसी तीव्रता के साथ जारी रहेगा ताकि युवा पीढ़ी को नशे के जाल से बचाया जा सके।

