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पछवादून क्षेत्र के अंतर्गत सहसपुर इलाके में गुलदार (तेंदुए) के जानलेवा हमले के बाद से दहशत का माहौल है। मंगलवार को हुई एक दर्दनाक घटना में एक ग्रामीण की जान जाने के बाद अब वन महकमा पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बुधवार को चौहड़पुर रेंज के वन अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर ग्रामीणों को सुरक्षा के प्रति सजग किया।
घटना का विवरण
जानकारी के अनुसार, मंगलवार को सहसपुर निवासी 55 वर्षीय मोहम्मद इरफान पुत्र सैनी लकड़ी लेने के लिए पास के जंगल में गए थे। इसी दौरान घात लगाकर बैठे गुलदार ने उन पर अचानक हमला कर दिया। हमला इतना भीषण था कि मोहम्मद इरफान की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद से ही क्षेत्र के निवासियों में गहरा रोष और भय व्याप्त है।
वन विभाग की कार्रवाई और दिशा-निर्देश
गुलदार की सक्रियता को देखते हुए चौहड़पुर रेंज के सहसपुर वन अधिकारियों ने मोर्चा संभाल लिया है। आज विभाग की टीम ने जंगल के सीमावर्ती गांवों में लाउडस्पीकर के माध्यम से अनाउंसमेंट (मुनादी) करवाई। विभाग ने ग्रामीणों के लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए हैं
जंगल जाने पर पाबंदी: ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे घास या लकड़ी लेने के लिए अकेले जंगल की ओर न जाएं।
अकेले बाहर निकलने से बचें: रात के समय घर से बाहर निकलने से परहेज करें। यदि बाहर निकलना जरूरी हो, तो समूह में निकलें और हाथ में डंडा व टॉर्च अवश्य रखें।
बच्चों और मवेशियों की सुरक्षा: छोटे बच्चों को घर के आंगन में अकेला न छोड़ने की सलाह दी गई है।
मुआवजे की प्रक्रिया
वन विभाग के अधिकारियों ने मृतक के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ”मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार मुआवजा राशि प्रदान किए जाने की कार्यवाही तुरंत शुरू कर दी जाएगी।”
ग्रामीणों में भय
सहसपुर और आसपास के इलाकों में गुलदार की धमक से लोग सहमे हुए हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए और आदमखोर हो चुके गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल, वन विभाग की टीमें क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए हैं और ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है।

