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आगामी चारधाम यात्रा के दृष्टिगत सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने और क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी क्रम में रविवार को थाना सेलाकुई पुलिस द्वारा क्षेत्र में व्यापक सत्यापन अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले हॉस्टल संचालकों और मकान मालिकों के खिलाफ पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है।
350 संदिग्धों की हुई जांच
रविवार सुबह से ही पुलिस की विभिन्न टीमों ने मोहल्लों, बस्तियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में जाकर वहां रह रहे लोगों के दस्तावेजों की जांच की। अभियान के दौरान कुल 350 लोगों का सत्यापन किया गया। पुलिस ने बाहरी राज्यों से आकर यहां रह रहे मजदूरों, रेहड़ी-पटरी वालों और संदिग्ध रूप से घूम रहे व्यक्तियों के पहचान पत्रों का मिलान किया।
लापरवाही पर भारी जुर्माना
पुलिस की इस कार्रवाई में सबसे ज्यादा गाज उन लोगों पर गिरी जिन्होंने अपने घर या हॉस्टल में किराएदार तो रखे थे, लेकिन उनका पुलिस सत्यापन नहीं कराया था। जांच के दौरान पाया गया कि कई हॉस्टल संचालक सुरक्षा मानकों और सरकारी दिशा-निर्देशों की अनदेखी कर रहे हैं।
कुल चालान 32, हॉस्टल संचालक और मकान मालिक।
जुर्माना राशि: प्रति उल्लंघनकर्ता 10,000 रुपये के हिसाब से कुल 3 लाख 20 हजार रुपये का कोर्ट चालान किया गया।
कारण: किराएदारों और बाहरी व्यक्तियों का विवरण पुलिस थाने में दर्ज न कराना।
सुरक्षा के मद्देनजर सख्त हिदायत
थाना प्रभारी ने बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक शहर से होकर गुजरते हैं। ऐसे में सुरक्षा की दृष्टि से हर बाहरी व्यक्ति का रिकॉर्ड होना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ”अपराध नियंत्रण के लिए सत्यापन सबसे प्रभावी हथियार है। यदि कोई भी मकान मालिक बिना सत्यापन के किराएदार रखता है, तो इसे कानून का उल्लंघन माना जाएगा और भविष्य में इससे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।”
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने घरों में काम करने वाले नौकरों, किराएदारों और फड़-फेरी लगाने वालों का सत्यापन अनिवार्य रूप से करवाएं ताकि शहर की शांति व्यवस्था बनी रहे।

