पछवादून मीडिया संवाददात,सेलाकुई ।
उत्तराखंड में मिलावटखोरों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा विभाग का अभियान तेज हो गया है। आज थाना सेलाकुई पुलिस और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में भारी मात्रा में संदिग्ध पनीर सप्लाई करते हुए एक वाहन को पकड़ा गया। गुणवत्ता मानकों पर खरा न उतरने के कारण प्रशासन ने 250 किलो पनीर को मौके पर ही नष्ट कर दिया।

पुलिस की सतर्कता से पकड़ी गई खेप
मामले की शुरुआत तब हुई जब थाना सेलाकुई के एसएसआई जितेंद्र कुमार ने एक संदिग्ध सुजुकी ब्रेजा कार को रोका। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें भारी मात्रा में पनीर मिला, जिसके बाद तत्काल खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचित किया गया।
जांच में मिले गंभीर उल्लंघन
सूचना मिलते ही सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा (जनपद देहरादून) मनीष सयाना के नेतृत्व में एक टीम मौके पर पहुंची। टीम में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी (विकासनगर) संजय तिवारी और वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी (नगर निगम देहरादून) रमेश सिंह शामिल थे। टीम की जांच में निम्नलिखित गंभीर कमियां पाई गईं:
अस्वास्थ्यकर स्थितियां: पनीर को बेहद गंदगी और अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में रखा गया था।
बिना लाइसेंस: पनीर की सप्लाई बिना किसी वैध खाद्य लाइसेंस के की जा रही थी।
गुणवत्ता: पनीर से दुर्गंध आ रही थी और वह प्रथम दृष्टया मानव उपभोग के योग्य नहीं पाया गया।
नमूने लिए गए और मौके पर हुआ निस्तारण
खाद्य सुरक्षा विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए पनीर और दही के नमूने एकत्रित किए। संजय तिवारी ने पनीर और रमेश सिंह ने दही के सैंपल जांच हेतु लैब भेजे हैं। जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, टीम ने मौके पर ही जेसीबी के माध्यम से गड्ढा खोदकर पूरे 250 किलो पनीर को नष्ट कर दिया।
”आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तराखंड, श्री सचिन कुर्वे के स्पष्ट निर्देशों के क्रम में जनपद देहरादून में मिलावट के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। अस्वच्छकर और मिलावटी खाद्य पदार्थों का कारोबार करने वालों के खिलाफ यह कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।”
— खाद्य सुरक्षा विभाग, देहरादून


