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विकासनगर । राजधानी देहरादून में अपराधियों के हौसले पस्त करते हुए विकासनगर पुलिस ने अपहरण और फिरौती के एक सनसनीखेज मामले का मात्र कुछ ही घंटों में सफल पटाक्षेप कर दिया है। खुद को धार्मिक संगठन का सदस्य बताकर लोगों को डराने और ब्लैकमेल करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के 5 सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर अपहृत युवक को सकुशल बरामद कर लिया है।
क्या था पूरा मामला?
घटना 2 मार्च 2026 की शाम की है। भोजावाला निवासी श्रीमती पुष्पा देवी ने विकासनगर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई कि कुछ अज्ञात लोग कार (UK07 FS 4482) और मोटरसाइकिल पर सवार होकर उनके घर में जबरन दाखिल हुए। इन बदमाशों ने उनके बेटे शक्ति पुंडीर के साथ मारपीट की और उसे जबरन गाड़ी में डालकर ले गए। अपहरण के कुछ देर बाद ही आरोपियों ने महिला को फोन कर बेटे की जान बख्सने और उसे छोड़ने के बदले 1 लाख रुपये की फिरौती मांगी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर तत्काल कई टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। सर्विलांस और स्थानीय इनपुट की मदद से पुलिस ने रात में ही घेराबंदी कर विकासनगर क्षेत्र से अपहृत शक्ति सिंह को सकुशल बरामद कर लिया और मौके से पांचों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।
अपराध करने का अनोखा और खतरनाक तरीका
पूछताछ में सामने आया कि ये अभियुक्त बेहद शातिर किस्म के अपराधी हैं। इनका काम करने का तरीका (Modus Operandi) कुछ इस प्रकार था । ये ऐसे युवकों को चिन्हित करते थे जो नशे के आदी हों। स्वयं को धार्मिक संगठनों से जुड़ा बताकर समाज सुधार का ढोंग करते थे। पीड़ितों पर मादक पदार्थों की तस्करी का झूठा आरोप लगाकर पुलिस के हवाले करने या जेल भिजवाने की धमकी देते थे। लोक-लाज और जेल के डर का फायदा उठाकर ये परिजनों से मोटी रकम वसूलते थे। शक्ति पुंडीर के मामले में भी इन्होंने यही पैंतरा अपनाया, लेकिन पुलिस की तत्परता ने इनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:
पुलिस ने उत्तर प्रदेश और स्थानीय क्षेत्र के निम्नलिखित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है:
विकास वैरागी (35 वर्ष) – सहारनपुर, यूपी।
नीरज (34 वर्ष) – सहारनपुर, यूपी।
प्रवीण (44 वर्ष) – विकासनगर, देहरादून।
सचिन (31 वर्ष) – जीवनगढ़, विकासनगर।
नवीन (27 वर्ष) – डाकपत्थर, विकासनगर।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस (BNS) की सुसंगत धाराओं (140(2), 115(2), 333) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। पुलिस अब इनके पुराने आपराधिक इतिहास और इस गिरोह से जुड़े अन्य संपर्कों की जांच कर रही है।

