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मुख्य अग्निशमन अधिकारी देहरादून के दिशा-निर्देशों के तहत, आज जनपद के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच हेतु विशेष ऑडिट अभियान चलाया गया। इस दौरान सेलाकुई फायर स्टेशन के अग्निशमन अधिकारी दया किशन ने सहसपुर और रामपुर क्षेत्र के अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) सहसपुर में भारी लापरवाही
सहसपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के फायर ऑडिट के दौरान सुरक्षा मानकों में गंभीर खामियां पाई गईं। निरीक्षण में सामने आया कि अस्पताल परिसर में फायर सिलेंडरों के अलावा कोई भी ‘फिक्स्ड इंस्टॉलेशन’ (जैसे होज रील, स्प्रिंकलर या फायर अलार्म) स्थापित नहीं था। चौंकाने वाली बात यह रही कि जो फायर सिलेंडर मौजूद थे, वे भी एक्सपायर हो चुके थे और समय पर रिफिल नहीं कराए गए थे।
अग्निशमन अधिकारी द्वारा की गई कार्रवाई:
तत्काल नोटिस: खामियों को देखते हुए सीएससी प्रबंधक को तत्काल नोटिस जारी किया गया है।
अल्टीमेटम: अस्पताल प्रबंधन को एक सप्ताह के भीतर सभी सिलेंडरों को रिफिल करने और आवश्यक फिक्स्ड उपकरण स्थापित करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
विशेष सुझाव: ओटी (OT) और इमरजेंसी वार्ड में आग बुझाने के लिए विशेष ‘क्लीन एजेंट’ फायर सिलेंडर लगाने के निर्देश दिए गए, ताकि संवेदनशील चिकित्सा उपकरणों को नुकसान न पहुंचे।
निरीक्षण के दौरान फायर टीम ने अस्पताल के कर्मचारियों को प्राथमिक अग्निशमन उपकरणों को चलाने का प्रशिक्षण भी दिया।
मेंटल हॉस्पिटल रामपुर में मानक मिले पूरे
सहसपुर के बाद टीम ने रामपुर स्थित मेंटल हॉस्पिटल का भी ऑडिट किया। यहाँ की स्थिति संतोषजनक पाई गई। अस्पताल में स्थापित सभी फिक्स्ड इंस्टॉलेशन उपकरण कार्यशील अवस्था में मिले। अग्निशमन अधिकारी ने अस्पताल प्रशासन की सतर्कता की सराहना की और निर्देश दिए कि इन उपकरणों का समय-समय पर मेंटेनेंस और टेस्टिंग जारी रखी जाए ताकि आपात स्थिति में कोई बाधा न आए।
”अस्पताल जैसे सार्वजनिक स्थानों पर मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि है। अग्नि सुरक्षा उपकरणों के रखरखाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद पुन: निरीक्षण किया जाएगा।” –दया किशन, अग्निशमन अधिकारी, सेलाकुई

