अजय शर्मा, PACHWADUN MEDIA.COM
भारतीय संस्कृति में ऋतु परिवर्तन के साथ आने वाले त्योहार न केवल उल्लास का प्रतीक हैं, बल्कि वे हमारे अंतर्मन को शुद्ध करने का माध्यम भी बनते हैं। इस वर्ष 19 मार्च, गुरुवार से चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व आरंभ हो रहा है। यह नौ दिन आदि शक्ति की उपासना और स्वयं के भीतर छिपी ऊर्जा को जागृत करने के दिन हैं।
माँ शैलपुत्री: स्थिरता और सौभाग्य की अधिष्ठात्री
नवरात्रि के प्रथम दिन हिमालय की पुत्री माँ शैलपुत्री की पूजा की जाती है। पर्वतराज की पुत्री होने के कारण वे अडिगता और स्थिरता का प्रतीक हैं। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जहाँ मानसिक अशांति और अनिश्चितता का बोलबाला है, माँ शैलपुत्री की शरण में जाना एक आध्यात्मिक उपचार की तरह है। उनकी आराधना से मन के विकारों का नाश होता है और व्यक्ति के जीवन में वह ठहराव आता है, जिसकी आवश्यकता लक्ष्य प्राप्ति के लिए अनिवार्य है।
घटस्थापना: शुभ मुहूर्त का महत्व
शास्त्रों में किसी भी अनुष्ठान की सफलता के लिए ‘समय’ की शुद्धता को सर्वोपरि माना गया है। इस वर्ष कलश स्थापना के लिए दो अत्यंत शुभ संयोग बन रहे हैं:
प्रातः काल मुहूर्त: सुबह 06:52 से 07:43 तक (अवधि: 50 मिनट)
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 से 12:53 तक (अवधि: 48 मिनट)
मान्यता है कि सही मुहूर्त में किया गया संकल्प और घटस्थापना घर में सुख-समृद्धि और बरकत के द्वार खोलती है।
पूजन पद्धति: सादगी में ही शक्ति है
माँ शैलपुत्री की पूजा विधि अत्यंत सरल किंतु प्रभावशाली है। माँ को सफेद रंग और गाय के दूध से बनी मिठाइयाँ अत्यंत प्रिय हैं। सफेद फूल और अखंड दीप की लौ न केवल वातावरण को शुद्ध करती है, बल्कि हमारे भीतर की नकारात्मकता को भी जलाकर भस्म कर देती है।
विशेष संदेश: नवरात्रि केवल उपवास तक सीमित नहीं है। पूजा के दौरान पूरे परिवार का एक साथ आरती में सम्मिलित होना आपसी प्रेम और सामंजस्य को प्रगाढ़ करता है। सामूहिक प्रार्थना में वह शक्ति होती है जो भविष्य की बाधाओं को दूर कर मान-सम्मान और संपत्ति में वृद्धि के मार्ग प्रशस्त करती है।
आइए, इस चैत्र नवरात्रि हम केवल बाहरी पूजा न करें, बल्कि माँ शैलपुत्री के गुणों को अपने भीतर उतारने का प्रयास करें। जिस प्रकार हिमालय अडिग रहता है, उसी प्रकार हम भी अपने धर्म और कर्म के प्रति अडिग रहें। सच्ची श्रद्धा और भक्ति के साथ किया गया यह पूजन निश्चित रूप से हमारे जीवन में नई ऊर्जा का संचार करेगा।
आप सभी को चैत्र नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ!

