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नगर पंचायत सेलाकुई में व्याप्त अनियमितताओं और बोर्ड बैठकों के अभाव के खिलाफ जनप्रतिनिधियों का आक्रोश अब सड़कों पर उतर आया है। सोमवार को नगर पंचायत सेलाकुई के वार्ड नंबर 3 से सभासद दीपक कंडारी ने स्थानीय प्रशासन और नगर पंचायत कार्यप्रणाली के विरोध में एक पैदल विरोध मार्च शुरू किया।
शिव मंदिर से पदयात्रा का आगाज
दीपक कंडारी ने अपनी पदयात्रा का शुभारंभ सेलाकुई स्थित प्राचीन शिव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि नगर पंचायत में विकास कार्य ठप पड़े हैं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उल्लंघन किया जा रहा है। उनके साथ कुछ समर्थक और स्थानीय नागरिक भी इस पैदल मार्च में शामिल हुए।
प्रमुख मांगें: जांच और बोर्ड बैठक
सभासद का आरोप है कि नगर पंचायत के भीतर वित्तीय और प्रशासनिक स्तर पर कई अनियमितताएं बरती जा रही हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। पदयात्रा के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
बोर्ड बैठक का आयोजन: लंबे समय से बोर्ड की बैठक न होने के कारण क्षेत्र के विकास कार्यों की रूपरेखा तय नहीं हो पा रही है।
भ्रष्टाचार की जांच: नगर पंचायत में हुए कार्यों और धन के आवंटन में पारदर्शिता का अभाव है, जिसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की जा रही है।
जनसमस्याओं की अनदेखी: वार्डों में सफाई, लाइट और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की बदहाली।
जिलाधिकारी को सौंपेंगे ज्ञापन
यह पदयात्रा सेलाकुई से शुरू होकर देहरादून स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर समाप्त होगी। वहां पहुँचकर दीपक कंडारी जिलाधिकारी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपेंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नगर पंचायत की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया गया और बोर्ड बैठक बुलाकर अनियमितताओं की जांच नहीं शुरू की गई, तो वे अपने आंदोलन को और उग्र करेंगे।
”नगर पंचायत में लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है। जनता के द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों की अनदेखी कर मनमाने ढंग से काम हो रहा है। जब तक बोर्ड बैठक और जांच के आदेश नहीं होते, हमारी आवाज बुलंद रहेगी।”— दीपक कंडारी, सभासद वार्ड-3
इस पदयात्रा को लेकर नगर पंचायत प्रशासन में हलचल तेज हो गई है, वहीं स्थानीय लोग इसे बुनियादी अधिकारों की लड़ाई मान रहे हैं।

