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देहरादून। शहर में हाल ही में हुए ब्रिगेडियर हत्याकांड ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस सनसनीखेज वारदात के बाद जागृत हुए पुलिस प्रशासन ने अब सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए कमर कस ली है। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने शहर की शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से पेइंग गेस्ट (PG), हॉस्टल, बार और क्लबों के लिए नई गाइडलाइंस यानी एसओपी (SOP) जारी कर दी है।
हॉस्टल और पीजी के लिए कड़े नियम
एसएसपी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, अब छात्रों और हॉस्टल संचालकों को अनुशासन के कड़े दायरे में रहना होगा।
10 बजे के बाद नो एंट्री: हॉस्टलों और पीजी में रात 10 बजे के बाद बाहरी व्यक्तियों का आना-जाना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
अनिवार्य पुलिस सत्यापन: संचालकों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे अपने संस्थानों में रहने वाले सभी छात्र-छात्राओं का पुलिस वेरिफिकेशन (सत्यापन) करवाएं।
सीसीटीवी का पहरा: सुरक्षा के मद्देनजर सभी संस्थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाना अब अनिवार्य है, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
लिखित अनुमति: यदि किसी छात्र को विशेष परिस्थिति में रात में बाहर जाना है, तो उसके पास हॉस्टल प्रबंधन की लिखित अनुमति होना आवश्यक है।
बाहरी व्यक्तियों पर रोक: हॉस्टल परिसर में किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा।
हुड़दंगियों पर रहेगी पैनी नजर
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने स्पष्ट किया है कि पढ़ाई की आड़ में हुड़दंग, नशाखोरी या मारपीट जैसी गतिविधियों में शामिल होने वाले छात्रों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने साफ किया है कि शिक्षा के केंद्र में किसी भी प्रकार की आपराधिक मानसिकता को पनपने नहीं दिया जाएगा।
”सभी थाना प्रभारियों और बीट अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पड़ने वाले हॉस्टलों का नियमित रूप से औचक निरीक्षण करें। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” — प्रमेंद्र डोबाल, एसएसपी देहरादून
बार और क्लब संचालकों को चेतावनी
नई एसओपी केवल छात्रों तक सीमित नहीं है। बार और क्लब संचालकों को भी कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित समय सीमा का पालन करें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें। शहर में देर रात तक होने वाले शोर-शराबे और संदिग्धों की आवाजाही को रोकने के लिए पुलिस की टीमें गश्त बढ़ाएंगी।
ब्रिगेडियर हत्याकांड के बाद देहरादून पुलिस की यह कार्रवाई शहरवासियों में सुरक्षा का भाव पैदा करने की एक कोशिश है। प्रशासन का मानना है कि इन सख्त कदमों से न केवल अपराधियों में खौफ पैदा होगा, बल्कि बाहरी तत्वों की पहचान करना भी आसान हो जाएगा।

