अजय शर्मा,
PACHWADUN MEDIA.COM
उत्तराखंड की राजनीति में ‘पछवादून’ (सहसपुर, विकासनगर, चकराता) एक ऐसा क्षेत्र है जो अपनी भौगोलिक और रणनीतिक स्थिति के कारण हमेशा से महत्वपूर्ण रहा है। लेकिन हालिया कैबिनेट विस्तार और धामी मंत्रिमंडल के पुनर्गठन के बाद एक बार फिर वही पुरानी कहानी दोहराई गई है— उम्मीदें बेशुमार, पर हासिल ‘शून्य’।
सहदेव सिंह पुण्डीर: उम्मीदों का केंद्र
सहसपुर विधानसभा क्षेत्र से लगातार जीत की हैट्रिक लगाने वाले सहदेव सिंह पुण्डीर को इस बार मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की प्रबल संभावना थी। उनके समर्थकों और क्षेत्र की जनता का मानना था कि अजेय छवि: लगातार चुनाव जीतकर उन्होंने खुद को एक मजबूत और भरोसेमंद नेता के रूप में स्थापित किया है। पछवादून के समीकरणों पर उनकी पकड़ और कार्यकर्ताओं में उनकी लोकप्रियता को देखते हुए कयास लगाए जा रहे थे कि धामी सरकार उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देगी।
क्षेत्रीय संतुलन: लंबे समय से यह मांग उठती रही है कि देहरादून जिले के इस पश्चिमी छोर को कैबिनेट में प्रतिनिधित्व मिले ताकि विकास की योजनाओं को गति मिल सके।
पछवादून की बार-बार उपेक्षा क्यों?
पछवादून की जनता खुद को ठगा सा महसूस कर रही है। सहसपुर से लेकर विकासनगर तक, यह क्षेत्र राजस्व और औद्योगिक योगदान के मामले में राज्य में अग्रणी है, फिर भी सत्ता के शीर्ष पर इसे “नेतृत्व” का मौका नहीं मिल पा रहा है।
”राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि इस बार क्षेत्रीय और जातीय समीकरण सहदेव सिंह पुण्डीर के पक्ष में बैठेंगे, लेकिन अंतिम सूची ने एक बार फिर पछवादून को निराशा की दहलीज पर खड़ा कर दिया है।”
निराशा के गहरे निहितार्थ
मंत्रिमंडल में जगह न मिलने का सीधा असर क्षेत्र के विकास और कार्यकर्ताओं के मनोबल पर पड़ता है। जब किसी क्षेत्र का ‘अजेय’ चेहरा भी मंत्री पद तक नहीं पहुँच पाता, तो जनता के बीच यह संदेश जाता है कि उनकी राजनीतिक आवाज राजधानी के पावर कॉरिडोर में उतनी प्रभावी नहीं है जितनी होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस निर्णय ने भविष्य के कई सवालों को जन्म दे दिया है। क्या भाजपा नेतृत्व ने पछवादून के लिए कुछ और बड़ा सोचा है, या फिर यह क्षेत्र केवल ‘वोट बैंक’ बनकर रह गया है? सहदेव सिंह पुण्डीर की उपेक्षा सहसपुर ही नहीं, बल्कि पूरे पछवादून की जनता के लिए एक कड़वा घूंट है।
आगे देखना होगा कि इस राजनीतिक टीस की भरपाई सरकार आने वाले समय में किस तरह करती है।

