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नवरात्रि के पावन पर्व पर जहाँ एक ओर श्रद्धा का माहौल है, वहीं दूसरी ओर मिलावटी और घटिया खाद्य पदार्थों का खतरा भी मंडरा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में कुट्टू का आटा खाने से बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन इस बार पूरी तरह सतर्क है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त सचिन कुर्वे के सख्त निर्देशों के बाद, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने नंदा की चौकी से लेकर सेलाकुई तक के क्षेत्रों में औचक निरीक्षण अभियान चलाया।
विभागीय टीम की कार्रवाई
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी (विकासनगर) संजय तिवारी के नेतृत्व में विभागीय टीम ने गुरुवार को क्षेत्र के विभिन्न किराना स्टोर और सुपर मार्केट में औचक छापेमारी की। इस दौरान टीम ने आटे की गुणवत्ता की जांच की और संदेह होने पर कई नामी ब्रांड्स के सैंपल भी भरे।
इन दुकानों से लिए गए सैंपल
निरीक्षण के दौरान टीम ने मुख्य रूप से बचत सुपर स्टोर (सेलाकुई): यहाँ से ‘किरन’ ब्रांड के कुट्टू और सिंघाड़े के आटे का सैंपल लिया गया।
ब्लिंकिट (BLINKIT): ऑनलाइन डिलीवरी सेवा के गोदाम/सेंटर से ‘अमर’ और ‘दीपक’ ब्रांड के कुट्टू के आटे के नमूने लिए गए।
आशु-राकेश कुमार प्रोविजन स्टोर के यहाँ से भी खुले और पैकेट बंद कुट्टू के आटे के सैंपल लिए गए।
सभी नमूनों को सील कर जांच के लिए राजकीय लैब भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
व्यापारियों को चेतावनी और उपभोक्ताओं को सलाह
छापेमारी के दौरान वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय तिवारी ने दुकानदारों को सख्त हिदायत दी कि वे केवल ब्रांडेड और लाइसेंस प्राप्त कंपनियों का ही आटा बेचें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी दुकान पर मिलावटी या एक्सपायरी आटा पाया गया, तो दुकानदार के खिलाफ भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
”उपभोक्ता कुट्टू या सिंघाड़े का आटा खरीदने से पहले पैकेट पर ब्रांड, मैन्युफैक्चरिंग तिथि और FSSAI नंबर की जांच अवश्य करें। पुराना या खुला आटा खरीदने से बचें, क्योंकि इसमें नमी के कारण फफूंद (Fungus) लगने का डर रहता है, जो स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकता है।” — संजय तिवारी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी

