पछवादून मीडिया संवाददाता, सेलाकुई ।
जनपद देहरादून में एसएसपी (SSP) द्वारा महिला एवं बाल अपराधों के प्रति संवेदनशीलता बरतने के निर्देशों का असर धरातल पर दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में आज थाना सेलाकुई पुलिस ने मानवता और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश करते हुए एक लावारिस हालत में मिले बच्चे को सुरक्षित उसके परिवार से मिलाया।
क्या है पूरा मामला?
आज दिनांक 28 जनवरी 2026 को सेलाकुई पुलिस की ‘चीता मोबाइल’ (गश्ती दल) को सेलाकुई बाजार क्षेत्र में गश्त के दौरान एक बच्चा लावारिस हालत में घूमता हुआ मिला। बच्चा काफी घबराया हुआ था और अपने घर का रास्ता भटक चुका था। पुलिसकर्मियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए, बच्चे की सुरक्षा को प्राथमिकता दी और उसे तुरंत सेलाकुई थाने ले आए।
सोशल मीडिया और जनसंपर्क बना मददगार
बच्चे को थाने लाने के बाद पुलिस ने बिना समय गंवाए उसके परिजनों की तलाश शुरू की। इसके लिए आधुनिक तकनीक और पारंपरिक पुलिसिंग दोनों का सहारा लिया गया:
बच्चे की फोटो को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और पुलिस एवं आम जनता के व्हाट्सएप ग्रुपों में साझा किया गया।
स्थानीय लोगों और दुकानदारों को बच्चे की फोटो दिखाकर पहचान करने का प्रयास किया गया।
भावुक हुआ परिवार
पुलिस की यह मेहनत रंग लाई और कुछ ही समय में बच्चे के परिजनों का पता चल गया। सूचना मिलते ही घबराए हुए परिजन थाने पहुंचे। पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी कर और तस्दीक करने के बाद बच्चे को सकुशल उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया।
अपने जिगर के टुकड़े को सही सलामत वापस पाकर परिजनों की आंखें भर आईं। उन्होंने भावुक होकर सेलाकुई पुलिस की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई के लिए उनका हृदय से धन्यवाद किया। स्थानीय नागरिकों ने भी पुलिस के इस कार्य की सराहना की है।

