पछवादून मीडिया संवाददाता, सेलाकुई।
उत्तराखण्ड के बहुचर्चित अंकिता हत्याकाण्ड को लेकर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। मामले की सीबीआई जांच कराए जाने तथा दोषियों व तथाकथित वीआईपी के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पछवादून के सेलाकुई क्षेत्र में कैंडल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया।
कांग्रेसियों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर अंकिता को श्रद्धांजलि अर्पित की और प्रदेश सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अंकिता को अब तक न्याय नहीं मिल पाया है और सरकार इस मामले में बड़े लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच में कई अहम सवाल आज भी अनुत्तरित हैं, जिनका जवाब केवल निष्पक्ष सीबीआई जांच से ही मिल सकता है।
इस मौके पर पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं चकराता विधायक प्रीतम सिंह ने कहा कि अंकिता हत्याकाण्ड केवल एक परिवार का नहीं बल्कि पूरे प्रदेश की बेटियों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। जब तक पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कठोरतम सजा नहीं दी जाती, तब तक कांग्रेस पार्टी संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने प्रदेश सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार जनता की भावनाओं की अनदेखी कर रही है।
कांग्रेस पार्टी के कोषाध्यक्ष आयेन्द्र शर्मा ने कहा कि सत्ता के दबाव में सच्चाई को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे कांग्रेस कभी सफल नहीं होने देगी। वहीं कांग्रेस नेता संजय किशोर ने भी सरकार से तत्काल सीबीआई जांच की सिफारिश करने और दोषियों को कानून के कठघरे में लाने की मांग की।
कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता व स्थानीय लोग शामिल हुए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन सरकार के खिलाफ आक्रोश साफ तौर पर देखने को मिला। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द उचित कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

