पछवादून संवाददाता, सहसपुर ।
राजधानी देहरादून के विकासखण्ड सहसपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत कैंचीवाला में संचालित स्टोन क्रेशरों के खिलाफ ग्रामीणों और किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में कैंचीवाला और अटक फार्म के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी देहरादून को ज्ञापन सौंपते हुए स्टोन क्रेशरों को तत्काल बंद कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में चल रहे स्टोन क्रेशर उपजाऊ कृषि भूमि के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं। क्रेशरों के कारण खेतों की उपजाऊ मिट्टी की ऊपरी परत लगातार बह रही है, जिससे फसल उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। साथ ही भारी वाहनों की आवाजाही और कंपन से आसपास के मकानों में दरारें पड़ रही हैं तथा ग्रामीण रास्ते भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं।
भारतीय किसान संघ ने आरोप लगाया कि स्टोन क्रेशर संचालक नियामक कानूनों और पर्यावरणीय नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से क्रेशर का संचालन कर रहे हैं। न तो प्रदूषण नियंत्रण के मानकों का पालन किया जा रहा है और न ही निर्धारित सुरक्षा उपाय अपनाए जा रहे हैं। धूल, शोर और कंपन से ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में संचालित सभी स्टोन क्रेशरों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर उन्हें तत्काल सील किया जाए। साथ ही भविष्य में कृषि भूमि और आबादी के समीप ऐसे उद्योगों के संचालन पर सख्त रोक लगाई जाए।
ज्ञापन सौंपते समय ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। किसानों और ग्रामीणों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र ठोस कदम

