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कोतवाली सहसपुर क्षेत्र के अंतर्गत इंद्रा कॉलोनी, मेदनीपुर में रविवार सुबह आग का तांडव देखने को मिला। यहाँ स्थित गुर्जर बस्ती में अचानक लगी भीषण आग ने देखते ही देखते 6 परिवारों के आशियाने उजाड़ दिए। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि या पशुहानि नहीं हुई, लेकिन पीड़ितों का जीवनभर की जमा-पूंजी और घरेलू सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया है।
कैसे हुआ हादसा?
पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि घर के सभी बड़े सदस्य पास के खेतों में गेहूं की कटाई के लिए गए हुए थे। घरों में केवल छोटे बच्चे मौजूद थे। बताया जा रहा है कि एक घर की रसोई से निकली चिंगारी ने सूखे घास-फूस को पकड़ लिया। चिलचिलाती धूप और गर्मी के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के कच्चे मकानों को अपनी चपेट में ले लिया।
पुलिस और फायर सर्विस की तत्परता
सुबह करीब 10:25 बजे कंट्रोल रूम को सूचना मिलते ही थाना सहसपुर और चौकी धर्मावाला की पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पास के अन्य डेरों पर भी खतरा मंडराने लगा था।
राहत कार्य: सेलाकुई और विकासनगर से फायर सर्विस की दो गाड़ियों को बुलाया गया।
बचाव: स्थानीय निवासियों और पुलिस बल के संयुक्त प्रयासों से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
प्रभावित परिवारों का विवरण
इस अग्निकांड में ग्रामीण मुस्तका पुत्र कासिम, सदाम पुत्र गुस्तफा, याकूब पुत्र मुस्तफा, यामीन, जाफर पुत्र मुस्तफा, बसीर पुत्र गुलाम के घर और उनमें रखा सामान पूरी तरह नष्ट हो गया है ।
नुकसान का आकलन: पीड़ितों के अनुसार, घर के समस्त राशन, कपड़ों और बर्तनों के अलावा करीब 1 से 1.5 लाख रुपये की नकदी भी आग की भेंट चढ़ गई है।

वर्तमान स्थिति
मौके पर फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस प्रशासन द्वारा नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है और जांच जारी है। बेघर हुए परिवारों के लिए स्थानीय स्तर पर सहायता के प्रयास किए जा रहे हैं।

