पछवादून मीडिया संवाददाता,देहरादून।
राजधानी देहरादून के दुल्हा बाजार क्षेत्र में हुए बहुचर्चित गुंजन मर्डर केस में पुलिस की गंभीर लापरवाही सामने आई है। पीड़िता के परिजनों द्वारा बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद समय रहते कार्रवाई न करने पर खुड़बुड़ा चौकी इंचार्ज प्रद्युम्न नेगी को सस्पेंड कर दिया गया है। एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने तत्काल प्रभाव से यह कार्रवाई की।
परिजनों के अनुसार, हत्या का आरोपी शादीशुदा था और लंबे समय से गुंजन को लगातार परेशान कर रहा था। वह न सिर्फ उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था, बल्कि काम पर जाते समय उसका पीछा भी करता था। इस संबंध में परिजनों ने कई बार खुड़बुड़ा चौकी में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
परिजनों का आरोप है कि तीन दिन पहले आरोपी ने एक अन्य व्यक्ति से यह तक कह दिया था कि वह गुंजन को जान से मार देगा। इस धमकी के बाद परिजनों ने दोबारा चौकी में पहुंचकर गुंजन की जान को खतरा बताते हुए लिखित शिकायत दी, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने न तो आरोपी से पूछताछ की और न ही उससे फोन पर संपर्क करने की कोशिश की।
घटना के बाद जब मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आया तो पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए। जांच में सामने आया कि यदि समय रहते आरोपी पर कार्रवाई की जाती, तो शायद यह दर्दनाक घटना टाली जा सकती थी। इसी को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी अजय सिंह ने कार्रवाई में कोताही बरतने के आरोप में खुड़बुड़ा चौकी इंचार्ज प्रद्युम्न नेगी को निलंबित कर दिया।
गुंजन की हत्या से इलाके में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने पुलिस की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, परिजनों ने आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा दिलाने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए गए हैं। यह मामला न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

