पछवादून मीडिया संवाददाता विकासनगर।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए केवल कौशल ही नहीं, बल्कि समर्पण की भावना भी उतनी ही आवश्यक है। यदि किसी कार्य को पूरी निष्ठा और समर्पण भाव से किया जाए तो सफलता निश्चित रूप से प्राप्त होती है ।

बुधवार को मुख्यमंत्री ने पछवादून क्षेत्र के विकासनगर में नवनिर्मित खाटू श्याम मंदिर में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान में पहुंचकर पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मंदिर परिसर में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना रहा।
भगवान की कृपा से ही संभव हैं जीवन की उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि हमारे जीवन में जो कुछ भी घटित होता है, वह ईश्वर की कृपा से ही संभव होता है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहता है और ईश्वर में आस्था बनाए रखता है, तो उसके जीवन की राहें स्वतः प्रशस्त हो जाती हैं। उन्होंने मंदिर समिति और क्षेत्रवासियों को भव्य मंदिर निर्माण के लिए बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के धार्मिक स्थल समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं और लोगों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
‘उत्तराखंड का दशक’ साकार करने की दिशा में प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पावन धाम केदारनाथ धाम से 21वीं सदी के तीसरे दशक को “उत्तराखंड का दशक” बताया था। राज्य सरकार इस संकल्प को साकार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास, धार्मिक पर्यटन के विस्तार, रोजगार सृजन और बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित बनाने, सड़कों और स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास तथा युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
धार्मिक पर्यटन से बढ़ेगा स्थानीय रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। छोटे व्यापारी, होटल व्यवसायी, परिवहन सेवाएं और हस्तशिल्प से जुड़े लोग सीधे लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन का वैश्विक केंद्र बनाया जाए।
सामाजिक एकता का प्रतीक बना मंदिर
कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान सम्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक संरक्षण का केंद्र भी होता है।
उन्होंने विश्वास जताया कि विकासनगर का यह खाटू श्याम मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगा और आने वाले समय में यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे, जिससे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार जनकल्याण के संकल्प के साथ निरंतर कार्य करती रहेगी और “उत्तराखंड का दशक” बनाने के लक्ष्य को अवश्य प्राप्त करेगी।

