पछवादून मीडिया संवाददाता,विकासनगर ।
होली का त्योहार नजदीक आते ही बाजार में मिलावटखोरी का डर बढ़ने लगा है। इसे देखते हुए खाद्य सुरक्षा आयुक्त सचिन कुर्बे के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने कमर कस ली है और मिलावटखोरों के विरुद्ध विशेष अभियान छेड़ दिया है। मंगलवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय तिवारी के नेतृत्व में विभाग की टीम ने पछवादून क्षेत्र के विकासनगर में ताबड़तोड़ छापेमारी की, जिससे व्यापारियों में हड़कंप मच गया।
दालों की गुणवत्ता की जांच, पांच नमूने लिए गए
त्योहारी सीजन में दालों और अन्य खाद्य सामग्री की बढ़ती मांग के बीच विभाग ने सतर्कता बरतते हुए विकासनगर के विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। छापेमारी के दौरान टीम ने दालों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि अभियान के तहत:
अरहर, चना, उड़द (छिलका व साबूत) और मलका की दालों के कुल पांच सैम्पल भरे गए हैं।
इन सभी नमूनों को सील कर राजकीय खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला (लैब) भेज दिया गया है।
संजय तिवारी ने स्पष्ट किया कि लैब की रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी भी नमूने में मिलावट या अधोमानक (Substandard) स्थिति पाई जाती है, तो संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
व्यापारियों को सख्त हिदायत: ‘लाइसेंस और बोर्ड’ अनिवार्य
छापेमारी के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने स्थानीय व्यापारियों के साथ एक आवश्यक बैठक भी की। बैठक में दुकानदारों को नियमों का पालन करने के सख्त निर्देश दिए गए:
फूड लाइसेंस: प्रत्येक खाद्य प्रतिष्ठान पर ‘फूड लाइसेंस’ की प्रति साफ दिखाई देने वाले स्थान पर चस्पा होनी चाहिए।
डिस्प्ले बोर्ड: रेस्टोरेंट और ढाबों पर ‘फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड’ लगाना अनिवार्य है, ताकि ग्राहकों को सुरक्षा मानकों की जानकारी मिल सके।
”हमारा उद्देश्य उपभोक्ताओं को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। त्योहारों के दौरान मिलावटखोरी की आशंका बढ़ जाती है, जिसे रोकने के लिए यह अभियान पछवादून में लगातार जारी रहेगा।” — संजय तिवारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी
क्षेत्र में खलबली
खाद्य सुरक्षा विभाग की इस अचानक हुई कार्यवाही से पछवादून के बाजारों में दिनभर अफरा-तफरी का माहौल रहा। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यह अभियान होली तक निरंतर जारी रहेगा और दूध, मावा, घी व अन्य मिठाइयों की भी सघन जांच की जाएगी।

