पछवादून मीडिया संवाददाता, सहसपुर ।
क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिले। एक ओर जहां इंद्र देव की कृपा से झमाझम बारिश ने लोगों के चेहरों पर खुशी ला दी, वहीं दूसरी ओर ऊर्जा निगम की लचर व्यवस्था ने लोगों को कड़ाके की ठंड में ठिठुरने पर मजबूर कर दिया।
बारिश से बढ़ी ठंड, बिजली गुल
शुक्रवार सुबह से शुरू हुई बारिश के चलते तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। बारिश की बूंदों ने जहां किसानों और आम जनता को सूखी ठंड से राहत दी, वहीं इसके साथ ही कड़ाके की सर्दी का दौर भी शुरू हो गया। हालांकि, मौसम के इस सुहावने बदलाव का आनंद लोग ज्यादा देर तक नहीं उठा सके क्योंकि बारिश शुरू होते ही सहसपुर क्षेत्र में बिजली की आंख-मिचौली का खेल भी शुरू हो गया।
शोपीस बनकर रह गए हीटर और ब्लोअर
ठंड के प्रकोप से बचने के लिए लोग घरों में हीटर और ब्लोअर के सहारे बैठे थे, लेकिन सुबह से जारी बिजली कटौती ने निवासियों का हाल बेहाल कर दिया है। लगातार हो रही ट्रिपिंग और घंटों बिजली गुल रहने के कारण लाखों रुपये के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और हीटर-ब्लोअर मात्र ‘शोपीस’ बनकर रह गए हैं। बिना बिजली के घरों के अंदर ठंड से लोगों का बुरा हाल है।
क्या है जिम्मेदारों का कहना?
बिजली व्यवस्था चरमराने पर जब ऊर्जा निगम के अवर अभियंता (JE) के.एस. चौहान से बात की गई, तो उन्होंने तकनीकी कारणों का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि:
”बारिश के कारण लाइनों में फॉल्ट आ रहा है। लाइन बार-बार ट्रिप होने की वजह से बिजली आपूर्ति में दिक्कत आ रही है। समस्या को ठीक करने का प्रयास जारी है।”
फिलहाल, सहसपुर के निवासी एक तरफ बारिश का मजा ले रहे हैं, तो दूसरी तरफ बिजली विभाग की “नाराजगी” झेलने को मजबूर हैं। अब देखना यह है कि ऊर्जा निगम कब तक इस तकनीकी खामी को दूर कर सुचारू बिजली आपूर्ति बहाल कर पाता है।

