ब्यूरो,नई दिल्ली ।
गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक ‘पद्म पुरस्कारों’ की घोषणा कर दी है। इस वर्ष उत्तराखंड के लिए यह पल बेहद गौरवपूर्ण है, क्योंकि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को प्रतिष्ठित ‘पद्म भूषण’ (Padma Bhushan) सम्मान से नवाजा गया है।
उन्हें यह सम्मान ‘सार्वजनिक मामलों’ (Public Affairs) में उनके लंबे और विशिष्ट योगदान के लिए दिया गया है।
सम्मान: पद्म भूषण (देश का तीसरा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार)।
क्षेत्र: सार्वजनिक मामले (Public Affairs)।
विशेष उपलब्धि: कोश्यारी उत्तराखंड के दूसरे मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के राज्यपाल रह चुके हैं।
कौन हैं भगत सिंह कोश्यारी?
भगत सिंह कोश्यारी भारतीय राजनीति, विशेषकर उत्तराखंड की राजनीति में एक कद्दावर चेहरा माने जाते हैं। उनके समर्थकों के बीच उन्हें प्यार से ‘दा’ (बड़ा भाई) कहा जाता है।
राजनीतिक सफर: उनका जन्म उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में हुआ था। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रचारक रहे और बाद में सक्रिय राजनीति में आए।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री: वे वर्ष 2001 से 2002 तक उत्तराखंड के दूसरे मुख्यमंत्री रहे। राज्य के शुरुआती ढांचे को तैयार करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
सांसद और विपक्ष के नेता: कोश्यारी उत्तराखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता रहने के साथ-साथ नैनीताल-ऊधमसिंह नगर सीट से लोकसभा सांसद और राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं।
महाराष्ट्र के राज्यपाल: हाल के वर्षों में (2019 से 2023 तक), उन्होंने महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभाला। उनका कार्यकाल काफी चर्चा में रहा और उन्होंने कई महत्वपूर्ण संवैधानिक निर्णय लिए।
उत्तराखंड के लिए गौरव का क्षण
भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण मिलने की खबर से उत्तराखंड के राजनीतिक गलियारों और आम जनता में खुशी की लहर है। राज्य के मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने इसे देवभूमि का सम्मान बताया है। कोश्यारी का जीवन सादगी और जनसेवा का उदाहरण माना जाता है। पहाड़ के विकास और शिक्षा के क्षेत्र में उनके शुरुआती प्रयासों को आज भी याद किया जाता है।
क्या हैं पद्म पुरस्कार?
पद्म पुरस्कार (पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री) भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से हैं। ये पुरस्कार कला, समाज सेवा, विज्ञान, चिकित्सा, साहित्य, खेल और नागरिक सेवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण योगदान के लिए दिए जाते हैं। इनकी घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर की जाती है और राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में भारत की राष्ट्रपति द्वारा ये पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं।

