पछवादून मीडिया संवाददाता, सहसपुर ।
जनपद में अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने के उद्देश्य से देहरादून पुलिस ने बड़ी कार्यवाही की है। सहसपुर थाना पुलिस ने क्षेत्र में लंबे समय से गौकशी (गौ-वध) और अन्य संगीन आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय दो शातिर अपराधियों की ‘हिस्ट्रीशीट’ खोल दी है। इस कार्यवाही के बाद अब पुलिस इन अपराधियों की हर गतिविधि पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखेगी।
एसएसपी देहरादून के सख्त निर्देश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून ने जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि आदतन अपराधियों को चिह्नित किया जाए। विशेष रूप से ऐसे अपराधी जो बार-बार जेल जाने के बाद भी अपराध की दुनिया नहीं छोड़ रहे हैं, उनकी हिस्ट्रीशीट खोलकर निगरानी सुनिश्चित की जाए। इसी क्रम में सहसपुर पुलिस ने यह कदम उठाया है।
कौन हैं ये हिस्ट्रीशीटर?
सहसपुर पुलिस द्वारा जिन दो अभियुक्तों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है, वे दोनों ग्राम खुशालपुर, थाना सहसपुर के निवासी हैं:
मुशर्रफ उर्फ काला (पुत्र अख्तर, उम्र 50 वर्ष): इसके खिलाफ गौ संरक्षण अधिनियम, आर्म्स एक्ट और चोरी जैसे संगीन धाराओं में करीब 6 मुकदमे दर्ज हैं।
सादिक (पुत्र जब्बार, उम्र 40 वर्ष): सादिक का आपराधिक इतिहास और भी लंबा है। इसके खिलाफ गौकशी, चोरी, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस (मादक पदार्थ तस्करी) एक्ट के तहत करीब 10 मुकदमे दर्ज हैं।
क्या होता है हिस्ट्रीशीट खुलने का मतलब?
पुलिस द्वारा हिस्ट्रीशीट खोलने का अर्थ है कि अब ये दोनों पुलिस की ‘निगरानी सूची’ (Surveillance List) में आ गए हैं। पुलिस अब नियमित रूप से इनकी निगरानी करेगी।
आपराधिक इतिहास एक नजर में
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मुशर्रफ उर्फ काला वर्ष 2019 से लगातार सक्रिय है और उस पर गौकशी व हथियार रखने के कई आरोप हैं। वहीं, सादिक वर्ष 2020 से लेकर 2025 तक लगातार अपराधों में संलिप्त रहा है, जिसमें हाल ही में 2025 में दर्ज एनडीपीएस एक्ट का मामला भी शामिल है।
पुलिस का मानना है कि इस कार्यवाही से न केवल इन अपराधियों में कानून का भय पैदा होगा, बल्कि क्षेत्र में गौकशी और चोरी जैसी घटनाओं पर भी प्रभावी अंकुश लगेगा।

